सुबह से लालबाग मॉडल टाउन कइ गलियों में घूमकर समजना चाहता था की आखिर अखिलेश पीटा क्यूँ ?
लोगों से बात की और झुग्गियों में देखा तो पता चला कुछ बातों का. यहाँ बिजली पानी नाली गली सफाई जेसे अनगिनत मुद्दों पर आम आदमी लगातार परेशांन है . अखिलेश और अन्य साथी यहाँ लगातार आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे थे . जिसका असर इस झुग्गी में नजर भी आ रहा था . जिन भी झुग्गियों मे पिछले दिनों मैं गया उनसे बेहतर सफाई व्यवस्था यहाँ है पर फिर भी ये इंसान के रहने के लायक जगह कहीं से भी नहीं लगती है .
बीती चोबीस फ़रवरी को यहाँ अरविन्द जी की जनसभा थी जिसमे आम आदमी का हुजूम उमड़ पड़ा था . मैंने आज झुग्गिन्यों के अन्दर और उपर जाकर देखा की केसे वहां अरविंद के पोस्टर लगे पड़े थे.
ये सब देखकर यहाँ की भ्रस्ठ पार्टियों और नेताओं की नींद उड़ना लाज़मी थी . इसी कुंठा में सायद मोका पाकर उन्होंने कल रात अखिलेश को घेरा और मारा .
सबसे बड़ी बात यह रही की गुंडों को मारने के लिए लाठी दो पोलिस वालों ने दी . सारी पार्टियों का गुंडों और पोलिस से मिलकर यह तांडव क्या आप बर्दास्त करेंगे . फैसला आपको करना है.
लोगों से बात की और झुग्गियों में देखा तो पता चला कुछ बातों का. यहाँ बिजली पानी नाली गली सफाई जेसे अनगिनत मुद्दों पर आम आदमी लगातार परेशांन है . अखिलेश और अन्य साथी यहाँ लगातार आम आदमी की लड़ाई लड़ रहे थे . जिसका असर इस झुग्गी में नजर भी आ रहा था . जिन भी झुग्गियों मे पिछले दिनों मैं गया उनसे बेहतर सफाई व्यवस्था यहाँ है पर फिर भी ये इंसान के रहने के लायक जगह कहीं से भी नहीं लगती है .
बीती चोबीस फ़रवरी को यहाँ अरविन्द जी की जनसभा थी जिसमे आम आदमी का हुजूम उमड़ पड़ा था . मैंने आज झुग्गिन्यों के अन्दर और उपर जाकर देखा की केसे वहां अरविंद के पोस्टर लगे पड़े थे.
ये सब देखकर यहाँ की भ्रस्ठ पार्टियों और नेताओं की नींद उड़ना लाज़मी थी . इसी कुंठा में सायद मोका पाकर उन्होंने कल रात अखिलेश को घेरा और मारा .
सबसे बड़ी बात यह रही की गुंडों को मारने के लिए लाठी दो पोलिस वालों ने दी . सारी पार्टियों का गुंडों और पोलिस से मिलकर यह तांडव क्या आप बर्दास्त करेंगे . फैसला आपको करना है.